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आदिकालीन गुप्त शक्तिपीठ मां शंखुला शताब्दियों से लगता रहा है मेला

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आदिकालीन गुप्त शक्तिपीठ मां शंखुला शताब्दियों से लगता रहा है मेला।

जिला रिपोर्टर आलोक अवस्थी

सिवरजपुर:- आदिकालीन गुप्त शक्तिपीठ एक ऐसा रहस्य से परिपूर्ण मंदिर कानपुर जिले के शिवराजपुर ब्लॉक के आटी सख्रेज नामक स्थान पर स्थित है। जिनके विषय में कम ही लोग जानते हैं। मां पार्वती के रूप में पुत्र गणेश जी के साथ प्रतिष्ठित देवी को लोग मां शाखुला के नाम से जानते हैं। लोग मां की पूजा करते हैं और मा शखुला सब के कष्टों का हरण करती हैं। इस परिक्षेत्र का इतिहास सतयुग से संबंधित है, ऐसी मान्यता है कि इस जगह पर माता सती का कटी प्रदेश अंग गिरा था। एवं इस जगह का इतिहास प्राचीन राजा शंखराज और उनके पुत्र भक्त पूरणमल के साथ भी जुड़ा है। प्राचीन काल में यहां राजा संघराज का राज्य था। इनके किले के अवशेष एवं साक्ष आज भी यहां मिलते हैं। इसी के आधार पर समीपस्थ ग्राम शंखराज नगर जो कालांतर में बदल कर
शखरेज हो गया। मान्यता है कि महात्मा वरिष्ठ एवं भक्त पूरणमल आज यहां भी रात में माता के दर्शन एवं पूजा करने आते हैं इनके दर्शन भी पूर्ण काल के लोगों को हुए थे तथा कुछ लोग ऐसा भी कहते हैं की शंखेश्वर नामक महात्मा इनकी पूजा करने आते हैं। जिस जगह है माता का भव्य मंदिर बना हुआ है वह जगह आज आटी के नाम से विख्यात है। यहां आज से लगभग 50 वर्ष पहले महात्मा श्री सुरेशानंद महाराज जी ने विशाल यज्ञ कराया था जहां संपूर्ण भारतवर्ष के तपस्वी संत महात्मा सम्मिलित हुए थे। आज इस जगह है पर प्राचीन काल से ही नवरात्रि के पावन पर्व पर विशाल मेला लगता है जहां दूर-दूर से भक्त आते हैं दर्शन करके इस मेले में चैत्र नवरात्र के समय 15 दिन पहले से 15 दिन बाद तक मेले में रहती है रौनक जहां बच्चे अपने खेलकूद के सामान एवं लोग अपने जरूरी खरीदारी करने आया करते हैं यहां पर कोई ना कोई धार्मिक आयोजन क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से हुआ करता है