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इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन के आधार पर ब्लाक में दो-दो रैपिड रिस्पांस टीम गठित, चार सदस्य किए गए शामिल कोविड अस्पतालों में बना 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड।

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महराजगंज। शासन से इन्फ्लुएंजा वायरस को लेकर जारी गाइडलाइन के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने विभागीय कार्रवाई शुरू कर दिया है। जिले के सभी कोविड हास्पिटलों में दस-दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। इन्फ्लुएंजा वायरस का लक्षण मिलने की सूचना पर टीम मौके पर पहुंचेगी। बीमारी के हिसाब से पीड़ित को घर या अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में आइसोलेट करेगी।

जिले में इन्फ्लुएंजा वायरस पीड़ित नही मिले है। लेकिन इन्फ्लुएंजा वायरस लक्षण वाले मरीजों में इजाफा हो गया है। सर्दी-जुकाम, खांसी, उल्टी, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द पीड़ित मिल रहे हैं। इससे बीमारी होने की आशंका अधिक हो गई है। इसी बीच सोमवार की देर रात शासन ने गाइडलाइन जारी कर दिया। गाइड लाइन मिलते ही स्वास्थ्य प्रशासन ने दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी कोविड हास्पिटल में दस-दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट और बेड को अपडेट करने का निर्देश जारी कर दिया।

परतावल और फरेंदा में संचालित होगा आइसोलेशन वार्ड।

स्वास्थ्य प्रशासन ने कोविड महामारी में इन पांच कोविड हास्पिटल को संचालित करने के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल और फरेंदा को वेटिंग में रखा था। जरूरत पड़ने पर इसे कोविड हास्पिटल बनाया जा सकता था। इन वेटिंग कोविड हास्पिटल में पाइप लाइन से बेड पर ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। स्वास्थ्य प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर सीएचसी परतावल और फरेंदा में भी दस-दस बेड का आइसोलेशन वार्ड संचालित कर दिया जाएगा। सीएमओ का निर्देश मिलते ही कोविड हास्पिटल के नोडल आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर और कंसंट्रेटर को अपडेट करने में जुट गए।

अधिकारी व अस्पताल के डॉक्टर हैं अलर्ट।

जिले में भले ही इन्फ्लुएंजा वायरस पीड़ित नहीं मिले हैं, लेकिन स्वास्थ्य व अस्पताल प्रशासन इसको लेकर अलर्ट हो गया है। इस बीमारी को व्यक्ति स्तर पर कंट्रोल करने की कोशिश तेज कर दी है। इसके लिए जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड की तरह फ्लू कार्नर अतिरिक्त ओपीडी संचालित करेगा। सर्दी-जुकाम व फीवर के मरीजों को इस अतिरिक्त ओपीडी में डॉक्टर देखेंगे। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर इनको इलाज मिलेगा।

मौसम परिवर्तन के साथ ही सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल फीवर पीड़ितों में इजाफा हो गया है। सांस व गले में खरास पीड़ित भी पहुंच रहे हैं। देश के अन्य राज्यों में इन्फ्लुएंजा वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इन्फ्लुएंजा वायरस को व्यक्ति स्तर पर कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य और जिला अस्पताल प्रशासन ने पहल तेज कर दी है।

सूचना पर पीड़ित के घर पहुंचेगी आरआर टीम।

सर्दी-जुकाम, खांसी, उल्टी, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द पीड़ितों का प्राथमिक इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार नही होने पर आरआर टीम पीड़ित के घर पहुंचेगी। बीमारी के हिसाब से घर या हास्पिटल में संचालित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराएगी। इतना ही नही पीड़ित में इन्फ्लुएंजा वायरस की जांच के लिए नमूना मेडिकल कालेज भेजेगी। वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि सबसे पहले सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और खांसी पीड़ितों के लिए अलग ओपीडी शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि लोगों को कोरोना का प्रोटोकॉल अपना होगा।

इन कोविड अस्पताल में बन रहा आइसोलेशन वार्ड

100 बेड वाले जिला महिला कोविड एल-टू हास्पिटल महराजगंज, कोविड हास्पिटल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघली, गोपाला के अलावा सीएचसी धानी और नौतनवा में दस-दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनेगा। नोडल अधिकारी वार्ड को अपडेट करने में जुट गए हैं।

जिले के 12 ब्लॉक में 24 आरआर टीम तैनात।

जिले में 12 ब्लाक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। हर ब्लाक सीएचसी पर दो-दो रैपिड रिस्पांस(आरआर) टीम तैनात कर दी गई है। हर टीम में एक विशेषज्ञ के साथ चार स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं।

रोज चलाना है ऑक्सीजन प्लांट।

जिला महिला कोविड एल-टू हास्पिटल में 1021 लीटर प्रति मिनट क्षमता के तीन ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। इसके अलावा कोविड हास्पिटल घुघली और गोपाला में 320-320 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट लगा है। सीएमओ ने नोडल अधिकारियों को हर दिन कम से कम दो घंटे ऑक्सीजन प्लांट मशीन को चलाकर ऑक्सीजन प्रेशर मेंटेन करने का निर्देश दिया है।