Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

ग्राम कुडाल कन्या आश्रम के बच्चों का आरोप, कहा दैनिक समाग्री में सिर्फ एक बार ही मिलता है

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ग्राम कुडाल कन्या आश्रम के बच्चों का आरोप, कहा दैनिक समाग्री में सिर्फ एक बार ही मिलता है

भानुप्रतापपुर।

ग्राम कुडाल में स्थित कन्या आश्रम के बच्चों का कहना है की उन्हें दैनिक समाग्री माह में सिर्फ एक बार ही मिलता है।

दरअसल सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर के गरीब परिवार के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने कन्या आश्रम बनाया है जहां बच्चे रहकर अपनी प्रराम्भिक शिक्षा ले सके परन्तु एक आश्रम ऐसा भी है जो बिना अधिक्षिका का ही संचालित हो रहा है आश्रम में रहने वाले बच्चों को ना ही दैनिक उपयोगी समाग्री मिल पा रहा है और ना ही नियमित रूप से भोजन में सब्जी नहीं मिल रहा जिस कारण बच्चे अपने घर से समान ला कर काम चला रहें हैं।

मामला भानुप्रतापपुर ब्लाक मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दुरी पर स्थित ग्राम कुडाल का है जहां के आर्दश कन्या आश्रम में रहने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें दैनिक समाग्री जैसे कोलगेट, तेल, साबुन व अन्य सामग्री माहिना में सिर्फ एक बार ही दिया जाता है, जो 5 दिनों में खत्म हो जाता है जिसके बाद वह अपने परिजनों को बोल कर सामग्री मांगवा कर पुरे माहिना गुजारते हैं। वहीं आश्रम में बनने वाले भोजन में नियम के अनुसार एक भी सब्जी नहीं बनाया जाता भोजन बनाने वाली ने बताया कि उसे जो सब्जी लाकर दिया जाता है वहीं सब्जी बनाती नियम के अनुसार एक माह में एक बार मुर्गा अन्डा सब्जी भी बनाना है परंतु सालों तक आश्रम में एक बार भी मुर्गा का सब्जी नही बना है,,आश्रम के नियम के अनुसार रविवार से शनिवार तक क्या सब्जी बनना है उसका चार्ट तो बकायदा लगाया गया है परंतू चार्ट में लिखी एक भी सब्जी आश्रम में नहीं बनता है।

आश्रम निगरानी समिति के अध्यक्ष
सुनेश राम गोटी ने बताया कि आश्रम की अधिक्षिका आश्रम में नहीं रहती हैं जिसके चलते आश्रम में भोजन आदि की व्यवस्था नियमित रूप से नहीं हो पा रही है , आश्रम में वर्तमान में यह स्थिति है कि आश्रम में भोजन बनाने के लिए चावल भी नहीं है साथ ही ना कोई सब्जी है, दो चार टमाटर, दो चार बैंगन, एक दो प्याज ही है।


वर्तमान में आश्रम की स्थिति यह है कि आश्रम भागवन भरोसे ही चल रहा है वहां रहने वाले बच्चे ही समझ सकते हैं की वह किस प्रकार से आश्रम में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं लोगों ने आश्रम स्थिती के बारे में कलेक्टर को शिकायत किया था परंतु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।