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जातीय जनगणना और जनसंख्या नियंत्रण पर जेडीयू का रुख साफ, बताया केसी त्यागी ने

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बिहार——-

पटना: जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक के प्रथम दिन शनिवार को जनसंख्या नियंत्रण और जातीय जनगणना पर किसी भी कीमत पर अपने स्टैंड से पिछे नहीं हटने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय परिषद की 18 सदस्यों के साथ संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और राष्ट्रीय प्रवक्ता सह उत्तरप्रदेश प्रभारी केसी त्यागी भी शामिल हुए।
बताया जाता है कि रविवार को होनेवाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री RCP Singh शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह करेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में मणिपुर में अकेले तो उत्तरप्रदेश में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ना चाहती है जेडीयू। इस बैठक में 31 जुलाई को दिल्ली में हुई बैठक में लिये गये प्रस्ताव पर लग सकती है मुहर।
जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी ठाकुर सभागार में शनिवार को शुरू हुई। यह बैठक दो दिनों तक चलेगी। बताया जाता है कि बैठक में 31 जुलाई को दिल्ली में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी उस पर फैसला लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को अधिकृत किया गया।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तरप्रदेश प्रभारी केसी त्यागी ने बैठक में स्पष्ट रुप से कहा कि जातिगत जनगणना पर पार्टी अपने पुराने रुख पर मुस्तैदी के साथ कायम है। उन्होंने कहा कि देश की तमाम पार्टियां जातिगत जनगणना कराने की मांग कर रही है। जातिगत जनगणना के फायदे बताते हुए उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से उन जातियों का उत्थान हो सकेगा जो आर्थिक और शैक्षणिक रूप से अभी काफी पिछड़े हुए हैं। जनसंख्या नियंत्रण पर बोलते हुए केसी त्यागी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण देश के लिए जरूरी है लेकिन इसे थोपा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार और नीतीश कुमार जन संख्या नियंत्रण के लिए बिहार में जिस प्रकार से जागरुकता अभियान चला रहे हैं वैसा ही अभियान पूरे देश में चलाया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अन्य पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने कहा कि जेडीयू आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में मणिपुर में अकेले और उत्तरप्रदेश में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरप्रदेश में जेडीयू पहले भी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ चुकी है। इसी आधार पर पार्टी ने फैसला लिया है कि जब गठबंधन की बात होगी तब पहली प्राथमिकता बीजेपी के साथ गठबंधन करने को दिया जायेगा। वहीं जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा हुई है, प्रदेश स्तर पर क्या फैसला लिया जाएगा इस पर शनिवार की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।
बताया जाता है कि रविवार को होनेवाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, केन्द्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह समेत राष्ट्रीय परिषद के सभी सदस्य शामिल होंगे। इसी दिन दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिये गये तमाम निर्णयों पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुहर लगेगी जिसमें ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के निर्णय पर भी मुहर लगने की बात शामिल है।
जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।