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पंजशीर के बाद कपिसा में भी तालिबान को तगड़ी चोट, सालेह के लड़ाकों ने दिया मुंहतोड़ जवाब

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अफगानिस्तान पर कब्जा जमा चुके तालिबान को कपिसा प्रांत में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। यहां पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के नेतृत्व में मुकाबला कर रहे नेशनल रिज़िस्टन्स फोर्स ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों गुटों के बीच यह जंग कपिसा प्रांत के संजन और बगलान के खोस्त वा फेरेंग जिले में हो रही है। पंजशीर में संघर्षविराम के उल्लंघन की वजह से सालेह के लड़ाकों ने तालिबान पर पलटवार किया है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, तालिबान और रिज़िस्टन्स फोर्स के बीच रविवार को भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें तालिबान को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। तालिबान ने सीजफायर का उल्लंघन किया जिसके बाद उसे मुंह की खानी पड़ी। बताया जा रहा है कि पंजशीर की सीमा पर तालिबान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था, जिसके बाद रिज़िस्टन्स फोर्स ने पलटवार किया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। 

पंजशीर एकमात्र वह प्रांत है जिसे तालिबान अभी तक कब्जा नहीं सका है, जिसने अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बीच 15 अगस्त को तालिबान में प्रवेश के साथ देश को अपने नियंत्रण में ले लिया है। तालिबान पर यह पलटवार ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही इस्लामिक स्टेट ने काबुल एयरपोर्ट के बाहर फिदायीन हमला करके 13 अमेरिकी सैनिकों सहित 150 से अधिक लोगों की जान ले ली।

इस हमले के बाद सालेह ने आतंकवाद के खिलाफ दुनिया से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया, ”दुनिया को आतंक के सामने झुकना नहीं चाहिए। आइए काबुल हवाई अड्डे को मानवता के अपमान और “नियम आधारित विश्व व्यवस्था” का स्थल ना बनने दें। आइए अपने सामूहिक प्रयास और ऊर्जा पर विश्वास करें। पराजयवादी मानसिकता आपको आतंकवादियों से ज्यादा जोखिम में डालती है। मानसिक रूप से मत मरो।”

सालेह ने इस्लामिक स्टेट से खुद को अलग बताने को लेकर भी तालिबान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तालिबान ने यह अपने मास्टर पाकिस्तान से सीखा है कि ISIS से अपने लिंक को खारिज करना है।

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