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प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रधानपति में हुई तीखी नोकझोंक। दोषी प्रधानपति के खिलाफ कार्रवाई कब?

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कोठीभार/महराजगंज: सिसवा ब्लाक के ग्राम सभा सोनबरसा में प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील योजना के अंतर्गत बच्चों के भोजन के राशन के लिए प्रधानाचार्य और प्रधानपति में हुई तीखी नोकझोंक। मंगलवार के दिन राशन की दुकान पर कोटेदार के वहां प्रधानाचार्य द्वारा राशन रीसिव किया गया। उसी वक्त ग्राम प्रधानपति भी दुकान पर पहुंच गए और राशन को लेकर नोकझोंक करने लगे। प्रधानपति मिड डे मील बच्चों के राशन को अपने घर ले जाना चाहते थे। जिसका विरोध प्रधानाचार्य किया उन्होंने कहा कि बच्चों का राशन बच्चों को ही मिलना चाहिए और यह राशन विद्यालय में ही रखा जाएगा। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कोटेदार को कहा कि बच्चों का राशन हम रिसीव करते हैं और राशन ग्राम प्रधान के घर पर रखा जाता है और यह सिलसिला पिछले 2 वर्षों से चला आ रहा है। प्रधानाचार्य ने कहा कि अब हम राशन तभी रिसीव करेंगे जब बच्चों का राशन स्कूल में रखा जाएगा। प्रधान पति बच्चों के राशन को लेकर पिछले 2 वर्षों से हेराफेरी कर रहे थे उनके इस गलत नीतियों को बंद करने की वजह से ही प्रधानाचार्य कोटेदार को राशन विद्यालय में रखने का अनुग्रह किया। जिससे बच्चों के राशन में कोई भी भ्रष्टाचार ना होने पाए। जब इस बात की भनक ग्राम प्रधानपति को लगा तो वह आग बबूला हो गए। फिर सोनबरसा कोटेदार ने ग्राम प्रधानपति को बुलाकर कहा कि  प्रधानाचार्य राशन रिसीव नहीं कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राशन हम कभी रिसीव करेंगे जब बच्चों का राशन स्कूल में ही रखा जाएगा। इतने से बात को सुनकर ग्राम प्रधान पति आग बबूला हो गए और स्कूल पहुंचकर  प्रधानाचार्य पर दबाव बनाने लगे एवं बात ना मानने पर उन्होंने उनके साथ नोकझोंक और हाथापाई भी की साथ में धमकी भी दिया। प्रधानपति द्वारा किए गए इस दुर्व्यवहार से प्रधानाचार्य ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि स्कूल के मास्टर की कोई इज्जत है या नहीं ऐसे ही प्रधान पति विद्यालय पर आकर उनके साथ बदसलूकी कर गया। आखिर उनकी गलती क्या है? अब बच्चों का राशन अगर स्कूल में रखने को कह दिया तो इसमें गलत क्या कह दिया और इसी बात से नाराज होकर प्रधानपति विद्यालय पर आकर अपनी दादागिरी दिखा रहे हैं और इससे प्रशासन अनजान है। आखिर इसमें एक प्रधानाचार्य की क्या गलती है। अगर उन्होंने बच्चों के राशन को विद्यालय में रखने की बात कही तो फिर एक प्रधानपति द्वारा क्यों किया जा रहा है प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य के साथ दुर्व्यवहार। कौन है इसके जिम्मेदार क्या प्रशासन करेगी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही । या फिर प्रधानपति करेगा सिर्फ अपनी गुंडई। प्रधानाचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानपति द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से वह काफी चिंतित हैं और प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले को संज्ञान में लेकर प्रधानपति के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।