Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

महिला के पेट से ऑपरेशन कर निकाला गया 17 किलो वजनी 23 CM का बड़ा ट्यूमर

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) के एक निजी अस्पताल में बेहद जटिल सर्जरी की गई है. चिकित्सकों ने महिला के पेट से करीब 17 किलो वजनी 23 सेंटीमीटर बड़ा ट्यूमर (Tumor) निकालने में सफतला प्राप्त की है.ट्यूमर बड़ा होने के कारण ऑपरेशन करीब चार घंटे तक चला. चिकित्सकों की सबसे बड़ी चुनौती ट्यूमर को फटने से बचाना था. पिंकसिटी के भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में यह जटिल सर्जरी की गई है.

अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक महिला के पेट से करीब 17 किलो वजनी और 23 सेंटीमीटर बड़ी गांठ निकालने में सफतला प्राप्त की है. अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉ. प्रशांत शर्मा और डॉ. पुष्पलता गुप्ता की टीम की ओर से करीब चार घंटे तक किये गये इस बड़े ऑपरेशन के दूसरे ही दिन मरीज चलने फिरने में सक्षम हो गया है.

पेट के अंदर ही अंदर इसका साइज बढ़ता चला गया

सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि सामान्यतः ऑपरेट होने वाले ट्यूमर का साइज 2 से 8 सेमी का होता है. लेकिन इस महिला के यह ट्यूमर धीरे-धीरे बड़ा हो गया था. चिकित्सकों ने बताया की इस मामले में ओवरी में ट्यूमर को नजरअंदाज करने की वजह से पेट के अंदर ही अंदर इसका साइज बढ़ता चला गया. इसकी वजह से यह गांठ 23 सेमी तक बढ़ गई.

मरीज को चलने और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी

मरीज ने पांच महीने पहले अस्पताल में पहली बार दिखाया था. जांच के बाद महिला को ऑपरेशन की सलाह दी थी, लेकिन रोगी का परिवार पहले सर्जरी के लिए तैयार नहीं था. लेकिन 8 दिसंबर को मरीज की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे हॉस्पिटल लाया गया और सर्जरी की गई. चिकित्सकों ने बताया कि मरीज को चलने और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी और वह अपने दैनिक कार्य करने में भी सक्षम नहीं थी.

ट्यूमर को फटने से बचाना बड़ी चुनौती थी

  1. चिकित्सकों ने बताया कि ट्यूमर का आकार और वजन बढने के कारण मरीज के ऑपरेशन के दौरान कई चुनौतियां थी. इसमें सबसे बड़ी चुनौती थी ट्यूमर को फटने से बचाना था. टीम में मौजूद कुशल एनिस्थियोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टॉफ की वजह से यह ऑपरेशन सफल हो पाया.