Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

शिक्षा का मंदिर बना जंग का मैदान, महिला टीचरों के बीच हुई जमकर मारपीट

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

शिक्षा का मंदिर बना जंग का मैदान, महिला टीचरों के बीच हुई जमकर मारपीट

शिक्षा के मंदिर में अध्यपिकाओं के बीच जातिवाद का असर, अनुसूचित शिक्षामित्र से छीना पानी का जग

शिक्षिकाओं के मारपीट का मामला क्षेत्र में बना चर्चा का विषय

बुलंदशहर/पहासू/शनिवार को शिक्षा के मंदिर में मारपीट का यह मामला बुलंदशहर ज़िले में पहासू ब्लॉक के गांव जीराजपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय का हैं। इस विद्यालय में राजेश कुमार प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं। व सहायिका के पद पर कुमारी डिम्पल, कीर्ति, ममता, रश्मि और प्रियंका गुप्ता हैं और शिक्षामित्र सोमवती, रविन्द्र, हरेंद्र, हरकेश, कृष्णा मौजूद हैं। इस विद्यालय में बीते दिन अध्यापिका और शिक्षामित्र के बीच किसी बात को लेकर जिरह हुई और फिर मारपीट होनी शुरू हो गई, और देखते ही देखते क्लासरूम जंग का मैदान बन गया। दो शिक्षिकाओं के बीच हुई जंग के दौरान खूब गाली-गलौज हुई। इतना ही नही मामला थाने तक पहुंच गया। जब इस मामले की पूरी जानकारी ली गई तो शिक्षामित्र सोमवती द्वारा बताया गया कि मैं अपनी क्लास में जग से पानी पी रही थी तो अध्यापक डिंपल द्वारा मेरे हाथ से पानी का जग छीन कर पेट पर लात मारते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा कि तू इस जग से पानी पी रही है और इसी जग से हम पानी पीते हैं। इसी बात को लेकर शिक्षामित्र द्वारा कहा गया कि आप बदतमीजी ना करें लेकिन अध्यापिकाओं द्वारा गाली गलौज शुरू कर दी और शिक्षामित्र द्वारा अपनी तहरीर में बताया कि सहयोगी अध्यापिकाओं व शिक्षामित्र आंगनवाड़ी के साथ मिलकर मेरे हाथ पकड़कर लात घुटनों से मारपीट शुरू कर दी और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई। इनके द्वारा पूर्व में भी इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। पीड़ित शिक्षा मित्र ने बताया कि मैं अनुसूचित होने के कारण इनके द्वारा हमारे साथ भेदभाव किया जाता है। और अन्य यह सभी लोग एक राय होकर विद्यालय में रहते हैं। इन अध्यापकों द्वारा हमें हीन भावना से देखा जाता है। विद्यालय में शिक्षामित्र और महिला शिक्षिकाओं के बीच जमकर हुई मारपीट के दौरान हेडमास्टर का भी सम्मान नहीं किया गया। हेडमास्टर के लिए शिक्षिकाओं द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। फिलहाल दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी है। जब शिक्षा के मंदिर में ही जातिवाद की नींव अध्यापकों में बनी हुई है तो शिक्षा के मंदिर में शिक्षा लेने आने वाले शिक्षार्थियों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ रहा होगा। जब इसकी जानकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक से ली गई तो उन्होंने बताया कि शिक्षामित्र अध्यापकों में पानी पीने को लेकर आपसी विवाद हुआ था जिसके बाद दोनों पक्षों को समझाया गया इस समय दोनों पक्ष थाने में मौजूद हैं। और दोनों पक्षों की तरफ से थाने में तहरीर दे दी गई है। जब इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार से ली गई तो उन्होंने बताया विद्यालय में अध्यापकों के झगड़े के बारे की जानकारी मिली है सभी अध्यापकों को समझा दिया गया है। वैसे जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी ने बताया है कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रतिआरोप लगाकर थाने में तहरीर दे दी गई है।