Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

साईबर अपराधियों की नजर से सरकारी खाते भी असुरक्षित,अरवल एसडीओ के सरकारी खाते से 17 लाख की निकासी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

बिहार—–

पटना: बिहार में अपराध का ग्राफ दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। चाहे बैंक डकैती हो,राहजनी हो, लूटपाट हो या फिर साईबर क्राइम हर जगह अपराधियों का बोलबाला नजर आ रहा है। बताया जाता है कि साईबर अपराधियों ने सरकारी खाते से 17 लाख रुपए उड़ा दिये। अरवल एसडीओ के सरकारी खाते से रुपये उड़ाने का साहस दिखाते हुये साईबर अपराधियों ने अपने दुस्साहस का परिचय दिया है।
साईबर अपराधियों ने क्लोन चेक के माध्यम से पटना के कंकड़बाग स्थित एक्सिस बैंक तथा राजेंद्र नगर के जन स्माइल फाइनेंस कंपनी के माध्यम से 9 बार में 17 लाख रुपए की निकासी कर ली। इसकी जानकारी एसडीओ दुर्गेश कुमार को जब मिली तो कार्यालय में खलबली मच गई। एसडीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि जिस तरह से साईबर अपराधियों द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया है वह आसानी से पकड़ में आनेवाला नहीं है। उनका कहना है कि पैसे की निकासी क्लोन चेक से की गई है। जिस चेक नम्बर से रुपये की निकासी की गई उसका पूरा वाल्यूम एसडीओ के पास होने की बात उन्होंने कही।
इस घटना की प्राथमिकी अनुमंडल नाजिर अनवर इमाम सूरज शाह ने दर्ज कराई है। स्थानीय बैंक ऑफ इंडिया से नाजिर स्टेटमेंट निकालने गये तब इस बात की जानकारी हुई।इसके पहले नाजिर के मोबाइल पर किसी तरह का मैसेज नहीं आया था जैसाकि नाजिर द्वारा जानकारी दी गई।
साईबर अपराधियों द्वारा सरकारी खाता संख्या 4477101 00016992 से पहली बार 7-8-21 को चेक संख्या 207743 से 194400/- रुपये, चेक संख्या 207746 से 194400/ रुपये 16-8-21 को, चेक संख्या 207745 से 192600/- रुपये, चेक संख्या 207737 से 194800/- रुपये 24-8-21 को,207736 से 198500/- रुपये,चेक संख्या 207735 से 196400/- रुपये,चेक संख्या 207738 से 195600/- रुपये तथा 18-8-21 को चेक संख्या 207747 से 196600/- रुपये एवं चेक संख्या 207748 से 192500/- रुपये की निकासी की गई। हैरान करनेवाली बात है कि इतनी सारी निकासी होती गई लेकिन निकासी का मैसेज एकबार भी मोबाइल पर नहीं आया। जबकि साधारणतया बैंक एकाउंट में जिस मोबाइल नम्बर को रजिस्टर्ड कराया जाता है उस पर प्रत्येक ट्रांजैक्शन का मैसेज आता है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस और साईबर क्राइम सेल के औफिसर कैसे साईबर अपराधियों तक पहुंचने में सफल होते हैं और उनलोगों को सलाखों के भीतर पहुंचाते हैं देखने वाली बात होगी।
जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।