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हमने दिया ओडीओपी, सपा ने दिया वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया : योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) पर अपने शासनकाल में हर जिले में एक माफिया खड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी ने प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ दिया था।

 

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिये प्रस्तुत बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में सपा और विपक्ष के नेता अखिलेश यादव पर तंज किया और कहा कि कल नेता विरोधी दल वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना पर सवाल उठा रहे थे। आज उत्तर प्रदेश वर्ष 2016-17 के मुकाबले दोगुने से अधिक यानी एक लाख 56 हजार करोड रुपए से अधिक का निर्यात कर रहा है। यह सच है कि आप ओडीओपी तो नहीं दे पाए लेकिन वह डिस्ट्रिक्ट वन माफिया जरूर दे दिया था। उन्होंने कहा कि कोई जिला ऐसा नहीं था जहां एक नया माफिया ना खड़ा हुआ हो। कहीं संगठित अपराध में लिप्त माफिया थे, कहीं खनन माफिया थे, कहीं पशु माफिया, कहीं वन माफिया तो कहीं भूमाफिया थे। उत्तर प्रदेश का हर आम निवासी इस बात को जानता है।

 

आदित्यनाथ ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि इन लोगों ने हर जिले में एक- एक माफिया को हावी करवा दिया था। राज्य आबकारी कर से प्रदेश को वर्ष 2016-17 में करीब 12 हजार करोड़ रुपए मिले थे और इस बार वर्ष 2022-23 में यह 45 हजार करोड़ रुपये है। यह पैसा आखिर किसके पास जाता था? ऐसे ही कोई थोड़ी खरीद ले रहा है इंग्लैंड में होटल, ऑस्ट्रेलिया में टापू कोई ऐसे ही थोड़ी खरीद रहा है…यह सब प्रदेश को लूट करके खरीदा गया है।

नेता प्रतिपक्ष पर हमले जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कल यहां नेता विरोधी दल के पूरे वक्तव्य को सुन रहा था। मुझे आश्चर्य हो रहा था कि उन्हें उत्तर प्रदेश के पैरामीटर को पिछले पायदान पर धकेलने पर प्रसन्नता हो रही थी। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में पीछे क्यों जा रहा था। हर व्यक्ति इस बात को जानता है कि हर समस्या के दो समाधान होते हैं भाग लो या भाग (हिस्सा) लो। या तो चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए उसका सामना करो और उसे समाधान के स्तर पर पहुंचाओ, जैसा कि छह वर्ष के अंदर किया गया।

 

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के खाली आसन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि और दूसरा है जैसे नेता प्रतिपक्ष की सीट खाली है, भाग लो। उन्होंने किसी एक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया होता लेकिन….।

 

 

मुख्यमंत्री ने सपा पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जाति, हाय री जाति। जब हम विकास की बात करते हैं तो आप जाति का मुद्दा लेकर आते हैं, जब हम गरीब कल्याण की बात करते हैं, तब आप जाति के मुद्दे को लेकर आते हैं। जब हम प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की बात करते हैं तो आप जाति की बात करते हैं। आप वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात पर हंसते हैं। कहते हैं कि यह कैसे होगा लेकिन यह होगा। उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था जरूर बनेगा।

 

आदित्यनाथ ने प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल और उसके सुरक्षाकर्मी की पिछले दिनों हुई हत्या के मामले का जिक्र करते हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी सदाकत खान की अखिलेश के साथ एक पुरानी तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कल मैं देख रहा था पूरे टेलीविजन रंगे हुए थे प्रयागराज की घटना को लेकर। पूरी घटना का जो साजिशकर्ता है उसकी फोटो वायरल हो रही थी और कोई उससे भाग भी नहीं सकता है। लोग कहें कि सोशल मीडिया का जमाना है, लोग कुछ भी कर लेंगे। अरे आप हाथ मिला रहे हैं, पीछे आपकी पार्टी का सिंबल लगा हुआ है और तब भी आप उससे मुंह मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं?’

 

उन्होंने कहा कि जो उमेश पाल मारा गया था क्या उसकी कोई जाति नहीं थी। संदीप निषाद जो हमारा कॉन्स्टेबल मारा गया, क्या उसकी कोई जाति नहीं थी। यानी आप ठेका ले चुके हैं जाति का लेकिन किसी गरीब, किसी कमजोर को, किसी अति पिछड़े को ऐसे पेशेवर अपराधियों को संरक्षण देकर मरवाएंगे। यह क्या तमाशा है। उसके बाद सीधे मुकर भी जाएं यह बड़ी अजीब सी बात है। क्या राजू पाल की कोई जाति नहीं थी। जब राजू पाल की हत्या हुई थी तब पेशेवर अपराधी और माफिया के संरक्षण दाता कौन थे। राजू पाल की यही बात थी न कि वह अपने दम पर विधायक बन गया था।

 

मुख्यमंत्री ने बजट की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। हमारे पास आज जो बढ़ा हुआ राजस्व है वह गरीबों किसानों, माताओं, बेटियों और नौजवानों के कल्याण का आधार बन रहा है और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा विकास का भी आधार बन रहा है। जिसे आपने बीमारू बना दिया था वह उत्तर प्रदेश आज बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। जल्दी ही उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी और उसके बाद अगले पांच वर्षों में आप देखिएगा। यह देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह तब होगा जब हमने पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया।

 

 

उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में बजट का आकार दोगुने से अधिक बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में जो बजट पेश हुआ था, वह तीन लाख 40 हजार करोड़ रुपए का था। वर्ष 2023—24 का बजट इस समय दो गुने से अधिक छह लाख 90 हजार करोड़ से अधिक का है। यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विस्तार को प्रस्तुत करता है।

 

आदित्यनाथ ने कहा कि इस बजट में हमने जनता से किए गए वादों को समाहित किया है। विधानसभा चुनाव से पहले हमारी पार्टी ने लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया था। हमारी पार्टी ने जनता के सामने कुल 130 वादे किए थे। उन्हीं संकल्पों के आधार पर ही हमने कार्य प्रारंभ किया है गत वर्ष और इस वर्ष में सरकार गठित होने के बाद से लेकर अब तक 130 में से 110 संकल्पों के लिए धनराशि की व्यवस्था हमने बजट में कर ली है। इसके लिए 64700 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि प्रस्तावित की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि किस रूप में पिछली सरकारों के कार्यकाल में व्यापक कर चोरी होती थी। कैसे हर तबके के लोग उसमें लिप्त थे। कैसे वे प्रदेश के विकास को बाधित करते थे, इसके बहुत से नमूने मिलेंगे। आपको कैग की रिपोर्ट में मिलेंगे, विभिन्न प्रकार की जो जांच में चल रही हैं, उनमें मिलेंगे।

 

उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि किस तरह वर्ष 2016 में 642 करोड़ रुपये के नुकसान से मात्र छह वर्षों में रिकॉर्ड मुनाफा कमाने वाली इकाई बनी। यह आपके सामने एक उदाहरण है। यह प्रदेश के बेहतर वित्तीय प्रबंधन का नमूना भी है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी का सामना करते हुए राजकोषीय घाटे को नियंत्रित किया गया। विपक्ष को भी इसके लिए सरकार की सराहना करनी चाहिए।