Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

18 साल बाद फिर चपेट में आये गांजा तस्कर रमाकांत व शिवाकांत

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

18 साल बाद फिर चपेट में आये गांजा तस्कर रमाकांत व शिवाकांत

2 कुंतल गाँजे के साथ दो गुर्गे गिरफ्तार

 

फतेहपुर लगातार कई दशकों से मादक पदार्थों खास तौर से गांजा की तस्करी में लिप्त दो बड़े कारोबारी करीब 18 साल बाद पुलिस के शिकंजे में फिर से फंसे हैं, हालांकि उनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई और वह फरार बताए गए हैं। पुलिस ने इनके दो गुर्गों को 2 कुंटल गांजा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह दोनों बांदा जनपद के निवासी हैं। फरार घोषित गांजा तस्कर इसके पहले बसपा शासनकाल में पुलिस कार्यवाही की चपेट में आए थे, लेकिन उस समय एक मंत्री के हस्तक्षेप के चलते यह सजा नहीं पा सके। फरार घोषित तस्कर मूल रूप से गाजीपुर थाना क्षेत्र जो अब राधा नगर थाना क्षेत्र में आता है, फुलवा मऊ गांव के मूल रूप से रहने वाले हैं। इनके आवास शहर के नासिर पीर मोहल्ले में बने हुए हैं। करीब 18 साल पहले दो सब इंस्पेक्टर अजय सेठ और आनंद सिंह ने शहर के जिला पूर्ति कार्यालय के सामने एक मकान जिसको इन्होंने गांजा भंडारण का स्थान बना रखा था, में छापा मारकर बड़ी तादात में गांजा बरामद किया था। गिरफ्तारी के लिए इनके घर में छापेमारी की गई तो कई घंटों तक एक मुख्य आरोपी अंदर से दरवाजा बंद करके आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। तमाम प्रयासों के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, लेकिन पुलिस ने इन्हें घटना में आरोपी बना दिया। जमानत के बाद जिले ही नहीं आसपास के जिलों में मादक पदार्थों खासतौर से गांजा तस्करी का इनका कारोबार फिर से फैल गया। गांजा लाने और बिक्री स्थान पर पहुंचाने के लिए इन्होंने एंबुलेंस तक का सहारा लिया। इन वाहनों के जरिए बांदा जनपद से गांजा लाकर फतेहपुर और आसपास के जिलों में आपूर्ति कराई जाती रही। गांजा बिक्री का केंद्र भांग वाले ठेका स्थलों को निर्धारित किया गया है। शहर कोतवाल अमित मिश्रा और उनकी टीम ने मुखबिरी के आधार पर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को शहर के लोधी गंज बाइपास के समीप से एक पिकअप में ले जा रहे गांजे को बरामद किया। बोरियों में भरे गांजे का वजन 2 कुंटल 5 किलो बताया गया है। पुलिस कप्तान राजेश कुमार सिंह ने पुलिस लाइन के सभागार में आज पत्रकारों को बताया कि मौके से भागे हुए रमाकांत शिवहरे और शिवाकांत शिवहरे आपस में दोनों सगे भाई हैं, इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कप्तान ने बताया कि यह गांजा कहां से लाकर और कहां-कहां बेचा जाता था, उन स्थानों का भी पता लगा लिया गया है इस धंधे में लिप्त लोगों के चेहरे बेनकाब किए जाएंगे। कप्तान ने बताया कि इस कामयाबी के लिए पुलिस टीम को ₹25000 का इनाम देकर उन्हें सम्मानित किया गया है। कप्तान ने बताया कि पकड़े गए गांजा की बाजारू कीमत 2500000 रुपए है। हालांकि वह यह नहीं बता पाए की गांजा की कीमत का आकलन कहां की बाजार के आधार पर किया गया है ।। पकड़े गए दोनों गांजा तस्कर आशीष कुमार उर्फ बउआ पुत्र जुगुल किशोर सोनी जौहरपुर थाना तिंदवारी तथा प्रिंशू सोनी पुत्र गोरेलाल सोनी बबेरू बाँदा शामिल है। रमाकांत शिवहरे और शिवाकांत शिवहरे के साथ शुभम सालार को भी फरार बताया गया है।